आने वाले वर्ष ( 2022 ) का सन्देश

आज का यह आलेख एक असहनीय पीड़ा में लिखा जा रहा है| अभी अभी एक दुर्घटना में देश ने अपने रक्षा प्रमुख के साथ साथ देश के अप्रतिम वीरों को खोया है| असहनीय पीड़ा इसलिए भी कि ग्रहों और प्रकृति के द्वारा बार बार इस तरह की दुर्घटना का संकेत दिए जाने के बाद भी …

Continue reading आने वाले वर्ष ( 2022 ) का सन्देश

सर्वे जना: सुखिनो भवन्तु !!

फोटो, साभार: Google नक्सली मुठभेड़ के साये में गुरु राशि परिवर्तन करके शनि की ही राशि कुंभ राशि में जाकर चंद्र शुक्र शनि केतु और राहु के साथ मिलकर deadly combination तैयार करेगा। हालांकि इसे मंगल और सूर्य का समर्थन नहीं प्राप्त होने की वजह से.. threat may not materialize ... लेकिन दिसंबर माह में …

Continue reading सर्वे जना: सुखिनो भवन्तु !!

मंगल का राशि परिवर्तन देश के लिए कितना मंगल

मंगल राशि परिवर्तन कर जहाँ एक ओर  शुक्र की राशि तुला राशि में प्रवेश लेकर नीच के सूर्य के साथ हुआ है वहीं दूसरी ओर वैसे शनि के साथ परस्पर दृष्टि सम्बन्ध बनाया है जो नीच के गुरु के साथ है| वर्तमान परिदृश्य में (भारत के सन्दर्भ में) क्या होगा इसका असर? वर्तमान परिदृश्य में …

Continue reading मंगल का राशि परिवर्तन देश के लिए कितना मंगल

कलयुग का यह काल

कृपाचार्य ने जब अर्जुन के साथ कर्ण के युद्ध पर सवाल उठाए थे तब दुर्योधन ने कर्ण को अंगेश बनाकर न केवल कृपाचार्य के सवालों का जवाब दिया बल्कि आजीवन कर्ण को अपना ॠणी बनाया। कर्ण और दुर्योधन की दोस्ती की नींव डली । महाभारत काल में यह एक महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ है। कलयुग …

Continue reading कलयुग का यह काल

अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानियों के कब्जे का भारत पर प्रभाव

17 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद पहली बार उनके प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये विश्व से संवाद स्थापित किया| बात का सार यह था कि जो कोई भी इस्लाम के नियम से चलेगा उसे यहाँ कोई परेशानी नहीं होगी|लोगों के जीवन जीने का ढंग, रहन-सहन सब उनकी धार्मिक आस्थाओं …

Continue reading अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानियों के कब्जे का भारत पर प्रभाव

विश्वगुरु भारत

फोटो, साभार: google वर्तमान में ग्रहों का संचरण कुछ इस प्रकार हो रहा है मानो ग्रहों ने विश्व को बदलने का दृढ संकल्प लिया हो| देवगुरु बृहस्पति का कड़े अनुशासन के पालनकर्ता के साथ लयात्मक सम्बन्ध के समय, मंगल, शनि और गुरु का, शुक्र और केतु के साथ एक गठजोड़ में जाना| दो ऐसे खेमों …

Continue reading विश्वगुरु भारत