स्वयं के राह का निर्माता

स्वयं के राह का निर्माता "महाजनो येन गतः स पन्था" जिस रास्ते पर महापुरुष, बड़े लोग, समझदार लोग चले हैं मनुष्यों को उसी रास्ते पर चलना चाहिए- दादा जी ने शिवि को समझते हुए कहा| लेकिन क्यों बाबा? हम क्यों किसी और के चले रास्ते पर चलें? ऐसा इसलिए बेटा कि वे लोग जिन मार्गों …

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शिक्षा और नौकरी

फोटो, साभार: google स्कूली दोस्त, संजय वैसे तो सभी विषयों में ठीक ठाक था पर संस्कृत के नाम पर भाग जाता था । इससे जब कहा जाता कि थोड़ा संस्कृत भी पढ़ लो, तब पटोत्तर सुनाते हुए कहता .. संस्कृत पढ़ने की जो बात करोगे .. कापी फाड़ फेंक दूँगा… कलम तोड़ ..दावात उलट..स्याही तुझे …

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