कर्मनाशा/ Negative Feedback

मान्यता है कि नदी में स्नान करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं लेकिन कर्मनाशा नदी में स्नान करने से मनुष्य के सारे पुण्य धुल जाते हैं अर्थात पुण्य समाप्त हो जाते हैं| ये तो उल्टा ही हो गया| नदी स्नान से सारे पाप धुलने के बजाय सारे पुण्य ही धुल जाते हैं| …

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गोचर

शब्द एक, अर्थ अनेक... ज्योतिष में ग्रहों की चाल को दर्शाने के लिए एक शब्द का इस्तेमाल होता है- ‘गोचर’, परन्तु कई बार ऐसा हुआ कि ग्रहों के चाल की चर्चा से बिलकुल भिन्न चर्चा जहां हुई है वहाँ भी ‘गोचर’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है। ऐसा क्यों ?? जब मैंने खोजना शुरू किया …

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ज्योतिष

ज्योतिष को ज्ञान की तरह स्थापित करने के बजाय इसका धंधा शुरू हो गया.. ज्योतिष को कथावाचन बना दिया .. कैसे कैसे अजीब लोग आ गए यहाँ.. कभी ये सोचने की कोशिश की, कि ज्ञान की वैदिक परंपरा जब हम तक पहुँचती है तो कुंडली का रूप लेकर क्यों आती है ... कभी इसको सोचने …

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वर्ष 2022 कैसा रहेगा देश के लिए: एक ज्योतिषीय विश्लेषण

किसी चीज को जानना ज्ञान है, उसे पहचानना विज्ञान है और उसके साथ एकात्म स्थापित करना ज्योतिष है| समग्रता और विविधता के बीच का एकात्म ज्योतिष है| ज्योतिष के अनुसार भले ही सारी चीजें भिन्न भिन्न प्रतीत होती हैं लेकिन उस विविधता के भीतर एकत्व कार्य कर रहा है| जब यह एकत्व स्थापित हो जाता …

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छल कपट को कैसे पहचानें

आप में से कई लोग अपनी जीवन में किसी न किसी के छल, कपट या धोखे के शिकार हुए होंगे| तब मन में यह विचार जरूर आया होगा कि काश हमें पहले ही पता चल जाता इस व्यक्ति के बारे में तो हम इस प्रकार के छल, कपट और धोखे से बच सकते थे| ऐसा …

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ज्योतिष – जीवन का GPS

फोटो, साभार: Google आधान लग्न ( गर्भाधान लग्न) पर पिछले कुछ वर्षों से निरंतर शोध करने के पश्चात एक बात जिसकी पुनरावृति होती रही वह रहा चतुर्थांश| जन्म लग्न और नवांश तो फिर भी समझ में आता था पर चतुर्थांश की पुनरावृति क्यों? कुंडली में चतुर्थांश का विश्लेषण हम मुख्यतया मकान देखने हेतु करते हैं, …

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दहीवड़ा

दहीवड़ा बनाते वक़्त अगर हम वड़े को कड़ाही में से तल कर निकालने के बाद थोड़ी देर पानी में रख कर न निचोड़ें तो वह कड़ा और कठोर ही रह जाता है, उसमें कोमलता नहीं आती है| उसके भीतर रस का प्रवेश नहीं होता है| वह टूट जाता है| खाने में कोई स्वाद नहीं आता| …

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