ज्योतिष – जीवन का GPS

फोटो, साभार: Google आधान लग्न ( गर्भाधान लग्न) पर पिछले कुछ वर्षों से निरंतर शोध करने के पश्चात एक बात जिसकी पुनरावृति होती रही वह रहा चतुर्थांश| जन्म लग्न और नवांश तो फिर भी समझ में आता था पर चतुर्थांश की पुनरावृति क्यों? कुंडली में चतुर्थांश का विश्लेषण हम मुख्यतया मकान देखने हेतु करते हैं, …

Continue reading ज्योतिष – जीवन का GPS

सूर्य और चंद्र का महत्व

किसी भी व्यक्ति की कुंडली का ज्योतिषीय  विश्लेषण करना हो या प्रकृति का ज्योतिषीय विश्लेषण करना हो तो सर्वप्रथम सूर्य और चंद्र का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जाता है| ज्योतिषशास्त्र में  आखिर नौ ग्रहों में सबसे पहले इन दोनों का विश्लेषण ही क्यों किया जाता है?? इन दोनों का क्या है महत्व?? संसार और शरीर …

Continue reading सूर्य और चंद्र का महत्व

चंद्र (MOON)

नंदी ..ओ ..नंदी .. कहाँ हो.. मामा के घर से घूम के आने के बाद अब कुछ पढ़ भी लो| दो महीने होने को आये,ज्योतिष की क्लास भी नहीं लगी है तुम्हारी| कुछ याद भी है या सबकुछ भूल भल गयी? कुछ नहीं भूले हैं बाबा| सब याद है| बस आ गए कॉपी कलम लेके| …

Continue reading चंद्र (MOON)

दहीवड़ा

दहीवड़ा बनाते वक़्त अगर हम वड़े को कड़ाही में से तल कर निकालने के बाद थोड़ी देर पानी में रख कर न निचोड़ें तो वह कड़ा और कठोर ही रह जाता है, उसमें कोमलता नहीं आती है| उसके भीतर रस का प्रवेश नहीं होता है| वह टूट जाता है| खाने में कोई स्वाद नहीं आता| …

Continue reading दहीवड़ा

पीपल और हम ( मनुष्य )

हमारे यहाँ अनेक धार्मिक अवसरों पर पीपल वृक्ष के पूजन का विधान है| पीपल में पितरों का वास माना गया है| आखिर पीपल के वृक्ष को हमारे यहाँ इतनी महत्ता क्यों प्रदान की गयी है?? क्या सिर्फ इसी  वजह से या इस वजह से कि यह चौबीसों घंटे जीवन प्रदायिनी ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है?? हमदोनों …

Continue reading पीपल और हम ( मनुष्य )

ग्रह शांति

फोटो, साभार: Google रामप्रीत दा, ई मुंह अन्हारे कहाँ चले दिए .. अरे कुछ नहीं ज्ञानी  ..कुछ समय से बड़ी परेशानी में हैं। किसी का कुछ बिगाड़े भी नहीं हैं न किसी को कोई तकलीफ दे रहे हैं फिर भी न जाने काहे कोई भी काम करते हैं सब उलटा ही हो जाता है। कर्जा …

Continue reading ग्रह शांति

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग - सम्पूर्ण विश्व को भारत की देन जिस क्षण हम मन में दुनिया को लीन करके के बाद मन के साथ एकात्म स्थापित कर लेंगे उसी क्षण योगेश्वर कृष्ण हमें कहेंगे "यथेच्छसि तथा कुरु "| आइये योगमय हो जाएं!! युक्ताहारविहारश्चयुक्तचेष्टश्चकर्मसु |युक्तस्वप्नअवबोधश्चयोगोभवतिदु:खहा|| तं विद्याद्दु:खसंयोगवियोगं योगसंज्ञितम्| “योगस्थ: कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय। सिद्ध्यसिद्ध्यो: समो भूत्वा समत्वं …

Continue reading अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस