ज्योतिष – जीवन का GPS

आओ चलें परमात्मा से मिलें - Soch India

फोटो, साभार: Google

आधान लग्न ( गर्भाधान लग्न) पर पिछले कुछ वर्षों से निरंतर शोध करने के पश्चात एक बात जिसकी पुनरावृति होती रही वह रहा चतुर्थांश| जन्म लग्न और नवांश तो फिर भी समझ में आता था पर चतुर्थांश की पुनरावृति क्यों? कुंडली में चतुर्थांश का विश्लेषण हम मुख्यतया मकान देखने हेतु करते हैं, फिर यहाँ इसकी क्या उपयोगिता है??
यह बात निरंतर मेरे मन में चलती रहती थी|
अपनी मति के अनुसार जो मैं समझ पायी वह यह कि…
आत्मा के लिए हमारा शरीर भी तो एक मकान है|आत्मा से परमात्मा तक के सफर के पड़ावों में आत्मा का ठहराव इस शरीर रूपी मकान में भी होता है| इसीलिए चतुर्थांश का मजबूत सम्बन्ध आधान कुंडली में दिखता है|
जरूरत है ज्योतिष के तत्वों को जानने का|
जरूरत है ज्योतिष को देश, काल के अनुसार संशोधित करने का|