रामचरितमानस से ज्योतिषशास्त्र को समझने का एक और प्रयास …
राजा जनक का एक नाम विदेह भी है
विदेह – बिना देह – राहु
सीता जी – भूमि सुता – मंगल
यहाँ से न सिर्फ राहु और मंगल को विश्लेषित करने के नए आयाम खुलते हैं वहीं राहु/मंगल योग को भी समझने का नया दृष्टिकोण मिलता है।
विदेह – बिना देह – राहु
सीता जी – भूमि सुता – मंगल
यहाँ से न सिर्फ राहु और मंगल को विश्लेषित करने के नए आयाम खुलते हैं वहीं राहु/मंगल योग को भी समझने का नया दृष्टिकोण मिलता है।
भगवान राम – सूर्य
सीता जी – भूमि सुता – मंगल
सूर्य / मंगल योग को समझने का नया दृष्टिकोण मिलता है।
सीता जी – भूमि सुता – मंगल
सूर्य / मंगल योग को समझने का नया दृष्टिकोण मिलता है।
पराशर होरा शास्त्र यदि ज्योतिषशास्त्र में योगशाला है तो रामचरितमानस प्रयोगशाला है।
Sir,You are being Cryptic. I could not draw any conclusion from this. Please do explain.regardsChakraborty